6 अपन बीजा ला बिहनियां ही बो देवव,
अऊ सांझ के आलसी बनके बईठे झन रहव,
काबरकि तुमन नइं जानव
कि कते ह फर दीही, येह या ओह,
या फेर दूनों बराबर बने फर दीहीं।
6 अपन बीजा ला बिहनियां ही बो देवव,
अऊ सांझ के आलसी बनके बईठे झन रहव,
काबरकि तुमन नइं जानव
कि कते ह फर दीही, येह या ओह,
या फेर दूनों बराबर बने फर दीहीं।