6 मेहनत के संग दू मुठा भर रहई
अऊ हवा के पाछू भगई ले
अपन करा सांति के संग एक मुठा भर रहई ह जादा बने अय।
7 मेंह फेर धरती म कुछू बेकार के चीज देखेंव:
8 एक मनखे ह अकेला रिहिस;
ओकर न बेटा, न भाई रिहिन।
ओकर मेहनत के कोनो अन्त नइं रिहिस,
तभो ले ओकर आंखीमन ला ओकर धन ले संतोस नइं मिलत रिहिस।
ओह पुछिस, "मेंह काकर बर मेहनत करत हंव,
अऊ काबर मेंह अपनआप ला आनंद उठाय ले दूर रखत हंव?"
येह घलो बेकार ए—
येह बहुंत दुख भरे काम अय।