21 उहां, अहवा नहर के तीर म, मेंह उपास रखे के घोसना करेंव, ताकि हमन अपनआप ला हमर परमेसर के आघू म दीन करन; अऊ ओकर ले यातरा के दौरान अपन अऊ अपन लइका अऊ अपन जम्मो संपत्ति बर सुरकछा के पराथना करन। 22 रसता के बईरीमन ले सुरकछा पाय बर राजा ले सैनिक अऊ घुड़सवारमन के मांग करे म मोला संकोच होवत रिहिस, काबरकि हमन राजा ले ये कहे रहेंन, "हमर परमेसर के अनुग्रहकारी हांथ ओ हर एक मनखे ऊपर हवय, जऊन ह ओला खोजथे, पर ओकर भयंकर कोरोध ओ जम्मो ऊपर भड़कथे, जेमन ओला तियाग देथें।" 23 एकरसेति हमन उपास करेंन अऊ येकर बारे म हमन अपन परमेसर ले पराथना करेंन, अऊ ओह हमर पराथना के जबाब दीस।
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