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निरगमन 32

11 पर यहअपन परमसर दयमनकरत कहि, "यहा, ेंबर अपन मनखमन ऊपर करत हस, मन ेंअपन बड़े मरअऊ सकिांिसर िलकनय? 12 िसरमन बर कह, ओह ओमन गलत उदििि ओह ओमन पहरय अऊ धरतओमन ििे?’ एकरसि अपन ों़; दयकर अऊ अपन मनखमन ऊपर िपति झन 13 अपन वक अबहम, इसहअऊ इसरयल रतकर, मन ेंअपनकसम कहरहय: ेंहर नमन अकमन सहीं अनगिनत कर ूं अऊ ेंहर नमन जमूं, कर यदेंओमन कर, अऊ सदबर ओमन िी।’ " 14 तब यहदयकरिअऊ अपन मनखमन ऊपर िपति नइि, कर धमकओह िि

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