4 काबरकि हरेक जन मोर अंय, दाई-ददा के संग लइका घलो—दूनों एके सहीं मोर अंय। एकरसेति जऊन ह पाप करथे, ओही ह मरही।
20 जऊन ह पाप करथे, ओही ह मरही। कोनो लइका ह अपन दाई-ददा के दोस के भागीदार नइं होही, अऊ न ही दाई-ददा अपन लइका के दोस के भागीदार होहीं। धरमी के धरमीपन के फर ओ धरमी ला ही मिलही, अऊ दुस्ट के दुस्टता के फर ओ दुस्ट ला ही मिलही।