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उतपत्ती 1

20 परमसर कहि, "यत जनमन भर वय, अऊ िरईमन धरतऊपर अकउड़ं" 21 परमसर समुंदर बड़े-बड़े व-जनमन बनईस, अऊ ि-ि जमयत जमन बनईस मन भर अऊ ओमन चलय-फि, अऊ िसम-किसम खविरईमन घलबनईसअऊ परमसर िि बढ़िे। 22 परमसर ओमन आसअऊ कहि, "लव-फरव; गनतअऊ समुंदर भर वव, अऊ िरईमन धरतऊपर बहुं" 23 अऊ ांईस, िपहिसम ांचवां ि

24 परमसर कहि, "धरतिसम-किसम यत पर: ि घरू-पसु, अऊ इयां ेंगइयजनअऊ बन पसु, हर एक अपन ि-ि ि" अऊ वइसन

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