27 तब परमेसर ह मनखे ला अपन खुद के सरूप म बनाईस,
अपन ही सरूप म परमेसर ह ओमन ला बनाईस;
नर अऊ नारी करके ओह ओमन ला बनाईस।
28 अऊ परमेसर ह ओमन ला आसीस दीस अऊ ओमन ला कहिस, "फूलव-फरव अऊ गनती म बढ़व; धरती म भर जावव, अऊ येला अपन बस म कर लेवव। समुंदर के मछरी अऊ अकास के चिरई अऊ भुइयां ऊपर रेंगइया जम्मो जीव-जन्तुमन ऊपर अधिकार रखव।"