15 जब चाम के थैली के पानी सिरा गीस, तब ओह अपन बेटा ला एक झाड़ी तरी म छोंड़ दीस। 16 अऊ तब अपन खुद तीर चलाय भर के दूरिहा म गीस अऊ ये सोचके बईठ गीस, "में अपन बेटा के मरना नइं देख सकंव।" अऊ ओह उहां बईठके रोवन लगिस।
17 परमेसर ह ओ छोकरा के रोये के अवाज ला सुनिस, अऊ परमेसर के स्वरगदूत ह स्वरग ले नरियाके हाजिरा ला कहिस, "हे हाजिरा, का बात ए? झन डर; जऊन करा तोर बेटा हवय, उहां ले ओकर रोये के अवाज ह परमेसर करा हबरे हवय।
19 तब परमेसर ह ओकर आंखी ला उघार दीस अऊ ओला एक ठन पानी के कुआं दिखिस, तब ओह जाके थैली म पानी भरिस अऊ लइका ला पीयाईस।