35 पर ओह कहिस, "तोर भाई धोखा से आईस अऊ तोर आसीस ला ले लीस।"
36 एसाव ह कहिस, "का ओकर नांव याकूब27:36 याकूब के मतलब होथे ओह एड़ी ला धरथे, इबरानी म एक मुहावरा, जेकर मतलब होथे ओह फायदा उठाथे या ओह धोखा देथे सही नइं रखे गे हे? येह दूसर बार ए, ओह मोर ले फायदा उठाय हवय: ओह मोर पहिलऊठा के अधिकार ला ले लीस, अऊ अब ओह मोर आसीस ला घलो ले गीस!" तब ओह अपन ददा ले पुछिस, "का तेंह मोर बर कोनो आसीस नइं रखे हस?"
41 एसाव ह ओ आसीस के कारन याकूब बर बईरता के भावना रखय, जऊन ला ओकर ददा ह याकूब ला देय रिहिस। ओह अपन मन म कहिस, "मोर ददा के मरे के दिन ह लकठा म हे; तब में अपन भाई याकूब ला मार डारहूं।"