17 अऊ आदम ला ओह कहिस, "काबरकि तेंह अपन घरवाली के बात ला माने, अऊ जऊन रूख के बिसय म मेंह तोला हुकूम देय रहेंव कि तें ओकर फर ला झन खाबे, ओला तेंह खाय हस।
"भुइयां ह तोर कारन सरापित हे;
तें एकर ऊपज अपन जिनगी भर
दुख के संग खाय पाबे।
18 अऊ येह तोर बर कांटा अऊ कंटिला पऊधा उपजाही,
अऊ तें खेत के ऊपज ला खाबे।