19 अऊ अपन माथा के पसीना के कमई
तेंह खाय पाबे,
अऊ आखिर म माटी म मिल जाबे;
काबरकि तोला ओही म ले लिये गे हवय,
तें तो माटी ही अस,
अऊ माटी म ही फेर मिल जाबे।"
19 अऊ अपन माथा के पसीना के कमई
तेंह खाय पाबे,
अऊ आखिर म माटी म मिल जाबे;
काबरकि तोला ओही म ले लिये गे हवय,
तें तो माटी ही अस,
अऊ माटी म ही फेर मिल जाबे।"