फिरौन राजा के सपना
1 जब पूरा दू बछर हो गीस, त फिरौन राजा एक सपना देखिस: ओह नील नदी के तीर म ठाढ़े रिहिस, 2 अऊ ओ नदी म ले सात ठन सुन्दर अऊ मोट-मोट गाय निकलके कछार के कांदी ला चरे लगिन। 3 ओमन के बाद, सात ठन आने कुरूप अऊ कमजोर गाय नील नदी ले निकलिन अऊ नदी के तीर म ठाढ़े दूसर गायमन के बाजू म ठाढ़ हो गीन। 4 अऊ जऊन गायमन कुरूप अऊ कमजोर रिहिन, ओमन ओ सात ठन सुन्दर अऊ मोट-मोट गायमन ला खा डारिन। तब फिरौन ह नींद ले जाग गीस।
5 ओह फेर सुत गीस अऊ एक आने सपना देखिस: एक ही डंठल म ले सात ठन मोट अऊ बने बीजा के पीकमन निकलिन। 6 ओमन के बाद, सात ठन अऊ बीजा के पीकमन निकलिन, जेमन पातर अऊ पूरब दिग के हवा ले मुरझा गे रिहिन। 7 ओ बीजा के पातर पीकमन ओ सातों मोट अऊ दाना ले भरे पीकमन ला लील डारिन। तब फिरौन ह जाग गीस; येह एक सपना रिहिस।