47 सुकाल के सातों बछर अब्बड़ फसल होईस। 48 यूसुफ ह मिसर देस म सुकाल के ओ सातों बछर म जम्मो किसम के जेवन के चीज-वस्तु ला संकेलिस अऊ सहरमन म रखत गीस। हर सहर के चारों कोति के खेत म पईदा होय खाय-पीये के चीज ला ओह ओहीच सहर म जमा करत गीस। 49 अइसन करके यूसुफ ह अनाज ला समुंदर के बालू सहीं भारी तदाद म जमा कर लीस; अनाज अतकी जादा हो गीस कि ओह ओकर हिसाब रखे बर छोंड़ दीस, काबरकि येह गनती के बाहिर हो गीस।
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