4 तब यूसुफ ह अपन भाईमन ला कहिस, "मोर लकठा म आवव।" जब ओमन ओकर लकठा म आईन, त ओह कहिस, "मेंह तुम्हर भाई यूसुफ अंव, जेला तुमन मिसर अवइयामन के हांथ म बेच दे रहेव। 5 अब तुमन दुखी झन होवव, अऊ मोला इहां बेच देय के कारन, अपनआप ले गुस्सा झन होवव, काबरकि परमेसर ह परान बचाय बर मोला तुम्हर आघू इहां पठो दीस।
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