यूसुफ ह अपन भाईमन ला फेर बिसवास देवाथे
15 जब यूसुफ के भाईमन देखिन कि ओमन के ददा मर गे हे, तब ओमन कहे लगिन, "यदि यूसुफ के मन म हमर बर बईरता होही, अऊ जतेक खराप काम हमन ओकर संग करे रहेंन, ओह ओकर बदला लीही, त का करबो।" 16 एकरसेति ओमन यूसुफ करा ये खबर भेजिन, "तोर ददा ह मरे के पहिली हमन ला ये हुकूम दे रिहिस, 17 ‘तुमन यूसुफ ला अइसने कहिहू: मेंह कहत हंव कि तोर संग गलत बरताव करके तोर भाईमन तोर बिरूध म जऊन पाप अऊ अपराध करे रिहिन, ओकर बर तें ओमन ला छेमा कर।’ अब किरपा करके अपन ददा के परमेसर के सेवकमन के पाप ला छेमा कर।" ओमन के ये बात ला सुनके यूसुफ रो डारिस।
18 ओकर बाद, ओकर भाईमन आईन अऊ ओकर आघू म गिरके कहिन, "देख, हमन तोर गुलाम अन।"
19 पर यूसुफ ह ओमन ला कहिस, "झन डरावव। का में परमेसर के जगह म हंव? 20 तुम्हर इरादा मोर संग हानि करे के रिहिस, पर परमेसर ह एकर दुवारा भलई करे के बिचार करिस, जऊन ह अब बहुंते झन के जिनगी बचाय के दुवारा पूरा होवत हे। 21 एकरसेति, अब झन डरावव। मेंह तुम्हर अऊ तुम्हर लइकामन के पालन-पोसन करहूं।" अऊ ओह ओमन ला फेर बिसवास देवाईस अऊ ओमन के संग बने ढंग से गोठियाईस।