6 एकरसेति मेंह अपनआप ला तुछ समझत हंव
अऊ धुर्रा अऊ राख म प्रायस्चित करत हंव।"42:6 अपन दुख ला बताय बर मनखेमन अपन मुड़ ऊपर धुर्रा अऊ राख छिंचंय
6 एकरसेति मेंह अपनआप ला तुछ समझत हंव
अऊ धुर्रा अऊ राख म प्रायस्चित करत हंव।"42:6 अपन दुख ला बताय बर मनखेमन अपन मुड़ ऊपर धुर्रा अऊ राख छिंचंय