14 सरापित होवय ओ दिन, जऊन दिन मेंह जनमें!
ओ दिन ह आसीसित झन होवय, जऊन दिन मोर दाई ह मोला जनम दीस!
15 सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह ये कहिके
मोर ददा ला खुसी के खबर दीस,
"तोर एक लइका जनमे हे—एक बेटा!"
16 ओ मनखे के दसा ह ओ नगर के सहीं होवय,
जऊन ला यहोवा ह बिगर दया के नास कर दीस।
ओला बिहनियां बिलाप करे के
अऊ मंझनियां लड़ई के ललकार के अवाज सुनई देवय।
17 काबरकि ओह मोला गरभ ही म नइं मार डारिस,
मोर दाई के गरभ ह मोर कबर सहीं होतिस,
अऊ ओकर गरभ ह हमेसा बर फईले रहितिस।
18 मेंह काबर समस्या अऊ दुख देखे बर
अऊ अपन जिनगी के दिनमन ला
लज्जा म बिताय बर जनमेंव?