16 सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे:
"अगमजानीमन तुमन ले जऊन अगमबानी करत हें, ओला झन सुनव;
ओमन तुमन ला लबारी के बात ले भर दीहीं।
ओमन यहोवा के मुहूं ले नइं,
पर अपन ही मन से दरसन के बात ला गोठियाथें।
17 जऊन मनखेमन मोला तुछ समझथें, ओमन ला येमन कहत रहिथें,
‘यहोवा ह कहत हे: तुमन ला सांति मिलही।’
अऊ ओ जम्मो, जऊन मन अपन हठी मन के मुताबिक चलथें
ओमन ला येमन कहिथें, ‘तुम्हर कोनो हानि नइं होवय।’
21 मेंह ये अगमजानीमन ला नइं पठोय हंव,
तभो ले ओमन अपन संदेस बताय बर दऊड़त गे हवंय;
मेंह ओमन ले नइं गोठियाय हंव,
तभो ले ओमन अगमबानी करे हवंय।