34 हे चरवाहामन, रोवव अऊ बिलाप करव;
हे झुंड के अगुवामन, धुर्रा म लोटव।
काबरकि तुम्हर कतल होय के बेरा ह आ गे हवय;
जइसने सुघर बरतनमन गिरके टूट जाथें, वइसने तुमन गिरके टूट जाहू।
34 हे चरवाहामन, रोवव अऊ बिलाप करव;
हे झुंड के अगुवामन, धुर्रा म लोटव।
काबरकि तुम्हर कतल होय के बेरा ह आ गे हवय;
जइसने सुघर बरतनमन गिरके टूट जाथें, वइसने तुमन गिरके टूट जाहू।