7 पर एबेद-मेलेक, एक कूसी मनखे, जऊन ह राजमहल म एक करमचारी38:7 या कोचिया या हिजड़ा रिहिस, ये सुनिस कि ओमन यरमियाह ला कुआं म डाल दे हवंय। जब राजा ह बिनयामीन दुवार मेर बईठे रिहिस, 8 त एबेद-मेलेक ह महल ले निकलके राजा करा गीस, अऊ ओला कहिस, 9 "हे मोर मालिक, हे राजा, ओ मनखेमन यरमियाह अगमजानी के संग जऊन कुछू भी करे हवंय, बहुंत दुस्टता के काम करे हवंय। ओमन ओला एक कुआं म फटिक दे हवंय, जिहां ओह भूख के मारे मर जाही, काबरकि सहर म खाय बर कोनो रोटी नइं बचे हवय।"
10 तब राजा ह एबेद-मेलेक कूसी ला हुकूम दीस, "इहां ले तीस मनखे अपन संग ले अऊ यरमियाह अगमजानी ला ओ कुआं ले निकाल ले, येकर पहिले कि ओह मर जावय।"
11 एकरसेति एबेद-मेलेक मनखेमन ला अपन संग लीस अऊ महल म खजाना के खाल्हे एक कमरा म गीस। ओह उहां ले कुछू फटा-पुराना कपड़ा अऊ चेंदरी लीस अऊ ओमन ला रस्सीमन के दुवारा कुआं म यरमियाह करा उतार दीस। 12 तब एबेद-मेलेक कूसी ह यरमियाह ले कहिस, "ये फटा-पुराना कपड़ा अऊ चेंदरीमन ला अपन खंखोरीमन म गद्दी के सहीं रस्सी के ऊपर रख ले।" यरमियाह ह वइसने करिस, 13 अऊ ओमन यरमियाह ला रस्सी ले ऊपर खींचिन अऊ ओला कुआं ले बाहिर निकाल लीन। अऊ यरमियाह ह पहरेदार के अंगना म रहे लगिस।