13 एक दिन जब अयूब के बेटा-बेटीमन अपन बड़े भईया के घर म खावत रिहिन अऊ अंगूर के मंद पीयत रिहिन, 14 तब एक संदेसिया ह अयूब करा आके कहिस, "हमर बईलामन खेत जोतत रिहिन अऊ गदहीमन लकठा म चरत रिहिन 15 कि सबा के मनखेमन हमर ऊपर चढ़ई कर दीन अऊ पसुमन ला ले गीन। ओमन सेवकमन ला तलवार ले मार डारिन अऊ मेंह एके झन बांचके तोला बताय बर आय हवंव!"
16 अभी ओह अइसने कहितेच रिहिस कि दूसरा संदेसिया ह आके कहिस, "परमेसर के आगी अकास ले गिरिस अऊ ओकर ले भेड़मन अऊ चरवाहामन जरके भसम हो गीन अऊ मेंह एके झन बांचके तोला बताय बर आय हवंव!"
17 ओह अभी अइसने कहितेच रिहिस कि एक झन अऊ संदेसिया आके कहे लगिस, "कसदी के मनखेमन तीन दल बनाके आईन अऊ ऊंटमन ऊपर चढ़ई करके ओमन ला ले गीन अऊ ओमन सेवकमन ला तलवार ले मार डारिन। मेंह एके झन बांचके तोला बताय बर आय हवंव!"
18 ओह अभी अइसने कहितेच रिहिस कि एक आने संदेसिया आके कहिस, "तोर बेटा-बेटीमन अपन बड़े भईया के घर म खावत रिहिन अऊ अंगूर के मंद पीयत रिहिन 19 कि अचानक सुनसान जगह ले एक भयंकर आंधी आईस अऊ घर के चारों कोनटा ला अइसन मारिस कि घर ह ओमन ऊपर गिर पड़िस अऊ ओमन मर गीन। मेंहीच ह एके झन बांचके तोला बताय बर आय हवंव!"