23 ओही बेरा ओमन के सभा-घर म, एक मनखे रिहिस, जऊन म एक असुध आतमा रहय, ओह चिचियाके कहिस, 24 "हे नासरत के यीसू! हमर ले तोर का काम? का तेंह हमन ला नास करे बर आय हवस? मेंह जानत हंव, तेंह कोन अस—तेंह परमेसर के पबितर जन अस।"
25 यीसू ह ओला दबकारके कहिस, "चुपे रह! अऊ ओमा ले निकल आ।" 26 तब असुध आतमा ह ओला अइंठके, अब्बड़ चिचियावत ओमा ले निकल गीस।