2 ओ समय एक भयंकर भुइंडोल होईस, काबरकि परभू के एक स्वरगदूत ह स्वरग ले उतरिस अऊ कबर करा आईस अऊ पथरा ला ढुनगाके ओकर ऊपर बईठ गीस। 3 ओकर रूप ह बिजली सहीं चमकत रहय अऊ ओकर कपड़ा ह झक पंर्रा रिहिस। 4 पहरेदारमन ओकर ले डरके थर-थर कांपे लगिन अऊ मुरदा के सहीं हो गीन।