18 बिगर सोचे-बिचारे बोलनेवाला के गोठ ह तलवार सहीं चूभथे, पर बुद्धिमान मनखे के बात ह दवाई के सहीं बने काम करथे।
18 बिगर सोचे-बिचारे बोलनेवाला के गोठ ह तलवार सहीं चूभथे, पर बुद्धिमान मनखे के बात ह दवाई के सहीं बने काम करथे।