1 बहुंत संपत्ति होवई ले बने नांव होवई ह उत्तम ए;
अऊ सोन-चांदी ले आदरमान पाना जादा बने ए।
7 धनी मनखे ह गरीब मनखे ऊपर राज करथे,
अऊ उधार लेवइया ह उधार देवइया के गुलाम होथे।
कहावत 4
26 अइसने मनखे झन बनबे, जऊन मन गिरवी रखे बर हांथ मिलाथें
या करजा पटाय बर जमानत लेथें;
27 यदि पटाय बर तोर करा कुछू नइं होही,
त तोर खाल्हे ले तोर बिस्तर ला छीन लिये जाही।