5 एक नजर उठाके धन ला देख, ओह तुरते गायब हो जाथे, काबरकि ओमा पंख निकल आथे अऊ ओह गिधवा के सहीं अकास म उड़ जाथे।
5 एक नजर उठाके धन ला देख, ओह तुरते गायब हो जाथे, काबरकि ओमा पंख निकल आथे अऊ ओह गिधवा के सहीं अकास म उड़ जाथे।