बुद्धि के दुवारा आसीस मिलथे1 हे मोर बेटा, मोर सिकछा ला झन भुलाबे, पर मोर हुकूममन ला अपन हिरदय म रखे रह,
बुद्धि के दुवारा आसीस मिलथे1 हे मोर बेटा, मोर सिकछा ला झन भुलाबे, पर मोर हुकूममन ला अपन हिरदय म रखे रह,