बुद्धि के दुवारा आसीस मिलथे
1 हे मोर बेटा, मोर सिकछा ला झन भुलाबे,
पर मोर हुकूममन ला अपन हिरदय म रखे रह,
2 काबरकि अइसने करे ले तोर उमर ह बढ़ही
अऊ तोर जिनगी म सांति आही अऊ तोर उन्नति होही।
3 मया अऊ ईमानदारी तोला कभू झन छोंड़ंय;
ओमन ला अपन घेंच म बांध ले,
अऊ ओमन ला अपन हिरदय रूपी पटिया म लिख ले।
4 तब तोर ऊपर परमेसर अऊ मनखे दूनों के अनुग्रह होही
अऊ दूनों के नजर म बने नांव कमाबे।
5 तें अपन समझ के ऊपर भरोसा झन कर,
पर अपन जम्मो हिरदय ले यहोवा ऊपर भरोसा रख;
6 अपन जम्मो काम ओकर ईछा के मुताबिक कर,
तब ओह तोर बर सीधा रसता निकालही।
7 अपन नजर म बुद्धिमान झन बन;
यहोवा के भय मान अऊ बुरई ले दूरिहा रह।
8 अइसने करे ले तोर देहें ह भला-चंगा
अऊ हाड़ामन मजबूत बने रहिहीं।