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नीतिबचन 31

13 ओह ऊन अऊ सन ांटथ

अऊ अपन ांकरथे।

14 ओह जहसहीं

अपन वन िनथे।

15 ओह रथिरहत उठ े;

ओह अपन परिवन परबकरथ

अऊ अपन िमन घलओमन िे।

16 ओह च-बिकरकिे;

ओह अपन कमई लगे।

17 ओह हनत अपन जमे;

ओकर ांथमन ओकर बर मजबें।

18 ओह िरखथि ओलओकर म-धिलय,

अऊ रथिओकर झन वय

19 ओह अटरन अपन ांधरथ

अऊ चरखअपन गरपकडे।

20 ओह गरबमन मदद करबर अपन ांलथ

अऊ जररतममनखबर अपन ांबढ़ाे।

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