24 ओह सन के कपड़ा बनाके बेचथे,
अऊ बेपारीमन ला बेचे बर दुपट्टा देथे।
25 ओह बल अऊ सम्मान के पहिरावा पहिरे रहिथे;
ओह अवइया समय ऊपर हंस सकथे।
26 ओह बुद्धि के संग गोठियाथे,
अऊ ओकर मुहूं ले सच्चई के सिकछा निकलथे।
27 ओह अपन घर के कामकाज ऊपर नजर रखथे
अऊ बिगर मेहनत के रोटी नइं खावय।