13 सिकछा ला मान, ओला झन छोंड़;
येकर रखवारी कर, काबरकि येह तोर जिनगी अय।
14 दुस्टमन के डहार म झन जाबे,
अऊ न ही खराप मनखेमन के रसता म चलबे।
13 सिकछा ला मान, ओला झन छोंड़;
येकर रखवारी कर, काबरकि येह तोर जिनगी अय।
14 दुस्टमन के डहार म झन जाबे,
अऊ न ही खराप मनखेमन के रसता म चलबे।