18 तोर पानी के सोता आसीसित रहय,
अऊ तें अपन जवानी के घरवाली संग आनंद मना।
19 ओह तोर बर एक मयारू हिरनी, एक सुघर सांबरनी सहीं होवय—
ओकर छाती ह तोला हमेसा खुस रखय,
अऊ तेंह ओकर मया म हमेसा बंधे रह।
18 तोर पानी के सोता आसीसित रहय,
अऊ तें अपन जवानी के घरवाली संग आनंद मना।
19 ओह तोर बर एक मयारू हिरनी, एक सुघर सांबरनी सहीं होवय—
ओकर छाती ह तोला हमेसा खुस रखय,
अऊ तेंह ओकर मया म हमेसा बंधे रह।