20 हे मोर बेटा, अपन ददा के हुकूम ला मान
अऊ अपन दाई के सिकछा ला झन छोंड़।
21 ये बातमन ला हमेसा अपन हिरदय म रख;
येमन ला अपन घेंच म माला सहीं पहिर ले।
22 जब तेंह रेंगबे, त येमन तोर अगुवई करहीं;
जब तेंह सुतबे, त येमन तोर रखवारी करहीं;
अऊ जब तेंह जागबे, त येमन तोर ले गोठियाहीं।
23 काबरकि ये हुकूम ह एक दीया सहीं अय;
ये सिकछा ह अंजोर सहीं अय,
अऊ सुधार अऊ निरदेस
जिनगी के रसता सहीं अंय;