32 "एकरसेति, अब हे मोर लइकामन, मोर बात ला सुनव;
धइन अंय ओमन, जऊन मन मोर बताय रसता म चलथें।
33 मोर सिकछा ला सुनव अऊ बुद्धिमान बनव;
येला तुछ झन जानव।
32 "एकरसेति, अब हे मोर लइकामन, मोर बात ला सुनव;
धइन अंय ओमन, जऊन मन मोर बताय रसता म चलथें।
33 मोर सिकछा ला सुनव अऊ बुद्धिमान बनव;
येला तुछ झन जानव।