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याकूब 4

घमितउन

13 नव, मन जऊन मन कहिथव ि आज कल हमन अऊ सहर उहां एक बछर रहिो, अऊ म-धकरकपईसकमो। 14 मन नइनत हव ि कल ी। हर िनग? मन सहीं अव, जऊन िभर िखथे, अऊ तब े। 15 एकर बदले, मन कहनि कहूं परभईछी, हमन यत रहिअऊ करबो। 16 पर मन अपन ींरथव अऊ घमकरथवअइसनजमघमगलत 17 एकरसि, जऊन मनखभलई करनथअऊ नइकरय, ओकर बर

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