16 अह आसा पबित्र शास्त्रा दी लिखअ द, "तिंयां दूई हणैं एक देही।" तम्हां का लोल़ी ऐहा गल्लो थोघ हुअ कि ज़ुंण कंज़री बेटल़ी संघै साझ़ू हआ सह हआ तैहा संघै एक देही।
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16 अह आसा पबित्र शास्त्रा दी लिखअ द, "तिंयां दूई हणैं एक देही।" तम्हां का लोल़ी ऐहा गल्लो थोघ हुअ कि ज़ुंण कंज़री बेटल़ी संघै साझ़ू हआ सह हआ तैहा संघै एक देही।