23 कै सिधै तिंयां ई आसा मसीहे दास? हुंह बोला बेगरै ज़िहअ कि हुंह आसा तिन्नां का खास्सअ मैन्था करनै आल़अ, तिन्नां का खास्सी बारी हुई मुल्है कैद, ज़ेतरी बारी मंऐं मार खाई तेते निं कुंण गणी सकदअ अर हर बगत हआ मुल्है आजू मौत खल़्हुई दी।
24 पांज़ा बारी च़िक्कअ हुंह यहूदी सैणें उन्ताल़ी-उन्ताल़ी कोल़ै बाही। 25 चिई बारी च़िक्कअ हुंह शोठै करै, एकी बारी दैनअ लोगै मुल्है पात्थरो ढो, चिई बारी चुटअ ज़हाज़ ज़ेथ हुंह बेठअ द थिअ अर एक राच अर एक धैल़ी काटी मंऐं समुंदरा दी। 26 हुंह रहअ कई बारी सफरा दी, गाडा नाल़ीए खातरै दी, अर डाकूए खातरै मांझ़ै, अर आपणीं ज़ातीए लोगे खातरै दी, अर होरी ज़ातीए लोगे खातरै दी, अर नगर गराऊंए लोगा मांझ़ै खातरै दी अर रेगीस्ताने खातरै, समुंदरे खातरै अर नकली विश्वासी मांझ़ै रहअ खातरै दी।
27 मंऐं किई कष्ट ज़िरी खास्सी मैन्थ, कई राची निं हुंह सुत्तअ, कई धैल़ै रहअ हुंह भुखअ नचिशअ ब्रतू, हिंऊंदै धैल़ै रहअ हुंह नैत्तै झिकल़ै बाझ़ी ठांढै-शेल़ै दी।
28 इना गल्ला छ़ाडी ज़ुंण मंऐं खोज़ी निं आथी, सारी टोलीए फिकर हआ मुल्है धैल़ बोझ़। 29 हुंबी हआ तेभै दुबल़अ ज़ेभै कुंण दुबल़अ हआ। ज़ेभै कुंण पाप करा तेभै हआ हुंबी खास्सअ दुखी।
30 ज़ै घमंड करनअ ज़रूरी आसा, मुंह करनअ आपणीं कमज़ोरीए गल्ला दी घमंड।