26 हुंह रहअ कई बारी सफरा दी, गाडा नाल़ीए खातरै दी, अर डाकूए खातरै मांझ़ै, अर आपणीं ज़ातीए लोगे खातरै दी, अर होरी ज़ातीए लोगे खातरै दी, अर नगर गराऊंए लोगा मांझ़ै खातरै दी अर रेगीस्ताने खातरै, समुंदरे खातरै अर नकली विश्वासी मांझ़ै रहअ खातरै दी।
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