12 ज़ेभै तम्हैं पाणीं दी डुबकी लई, अह करा ऐहा गल्ला प्रगट कि थारअ पापी सभाब दाबअ मसीहा ज़िहअ, तम्हैं काढै पाणीं का उझै नऊंऐं सभाबा दी ज़िहअ मसीहा किअ ज़िऊंदअ। अह हुअ तै किल्हैकि तम्हैं करा तेऊ परमेशरा दी विश्वास ज़सरी शगती करै मसीहा मरी करै भिई हुअ ज़िऊंदअ।
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