14 सोभी संघै डाहणअ मेल़-ज़ोल़, पबित्र ज़िन्दगी ज़िऊंणें कोशिश करनी, ज़ुंण पबित्र होए सह सका परमेशरा भाल़ी।12:14 1 पत. 3:11; भज. 34:14
15 एकी-दुजैओ डाहा धैन, इहअ निं हआ कि कुंण परमेशरे जशा बाझ़ी एही रहे, या किज़ै विश्वास नांईं करनै ज़िहअ कल़ुअ ज़लैल़अ निखल़ी कष्ट दैए। कई आसा गऐ दै एऊ बिशा करै भ्रष्ट हई।12:15 2 जोह. 1:8; बधा. 29:18