7 तम्हैं आऐ थारै दादा-बाबा ओर्ही मेरै बधान अर बिधी का दूर हंदी। तम्हैं निं तेते साबै आपणीं ज़िन्दगी ज़िऊई। हुंह स्वर्गे सारी सैनो मालक बिधाता बोला इहअ, ‘मुंह बाखा फिरा बापस, तै फिरनअ मुंह बी तम्हां बाखा।’
"तम्हैं पुछ़ा इहअ, ‘हाम्हैं ताह बाखा किहअ करै सका फिरी, तेता लै हाम्हां किज़ै लागणअ करनअ?’