जंगली बीज नो दाखलो
36 ईसु माणहु ने वळाय दीन पासो घोर आयो। तीना चेला तीनीन्तां आवीन केदा, "खेतर मे वाळा जंगली बीज ना दाखला नु मतलब ह़ु हये तीहयु आमने ह़मजाड़ दे।"
37 ईसु तीमने केदो, "वारलु बीज वेरन्यो कीरसाण, मनख्या नो सोरो से; 38 अने खेतर आहयी कळी से: वारलु बीज भगवान ना राज ना माणहु से; अने जंगली बीज कुहर्या भुतड़ा ना माणहु से; 39 अने वेरवा वाळो वेरी भुतड़ो से; वाडणी कळजुग नु खत्तम हयणु से; वाडण्या ह़रगदुत से। 40 जीसम माणहु जंगली बीज ना झाटवा ने भेळा करीन आक्ठु मे धपाड़ देय, तेमेत आहयी कळजुग खत्तम हयहे। 41 मनख्या नो सोरो ह़रगदुत ने मोकलहे अने तीहया तीना राज मे गेथा आखा पाप करन्या ने अने गलत काम करन्या माणहु ने भेळा करहे, 42 अने तीमने आक्ठु नी दर्या मे धकली देहे; अने तीहया माणहु तीहयी आक्ठु नी भाटी मे ढोळो-ढोळो अने फुकु-फुकु रड़हे 43 तीना वारा मे धरमी माणहु आह़फा ना बाह ना राज मे दाड़ान तेम भबळहे। जीना कान्टा हय तीहयो ह़मळी लेय।"