33 तीहया गुलगुता नाम ना जागे पुग्या, जीनु मतलब से, "माणहु ना खोपड़ी नो जागो।" 34 तां तीहया माणहु ईसु ने कड़वलु भेसकायलु अंगुर नो रोह पीवा आप्या। तीहयो तीहया रोह ने चाखी ते लेदो, पण पीवा सी मना कर देदो।
35 तत्यार तीहया ईसु ने कुरुस पोर चड़ाया, अने चीट्ठ्या नाखीन तीना लुगड़ा वाट लेदा।