जुगाळा बोल
3 "जुगाळा से तीहया जे मन ना गरीब से! काहाके ह़रग नु राज तीमनुत से।" 4 "जुगाळा से तीहया, जे दुखी हय्न रड़े काहाके तीमने सांती जड़हे।" 5 "जुगाळा से तीहया जे नीचळा से! काहाके आहयी धरती ना हकदार्या से।" 6 "जुगाळा से तीहया, जे धरमीपणा ना भुकला अने तरहेला से! काहाके भगवान तीमने नीरहा कर देहे।" 7 "जुगाळा से तीहया, जे गीणाळ्ळा से! काहाके भगवान तीमनी पोर गीण करहे।" 8 "जुगाळा से तीहया, जीमना मन चोखला से! काहाके तीहया भगवान ने देखहे।" 9 "जुगाळा से तीहया, जे मेळ कराव्वा वाळा से! काहाके तीहया भगवान ना सोरा केवायहे।" 10 5:10 1 पतरस 3:14"जुगाळा से तीहया, जे धरमीपणा ना कारण दुख झेले, काहाके ह़रग नु राज तीमनुत से।" 11 5:11 1 पतरस 4:14"जुगाळा से तमु, जत्यार माणहु मारीन करते तमारी नामबद्दी करे अने वेला पाड़े, अने तमारी पोर आखी भातीन कुहराय करीन झुटो गुनो लगाड़े। 12 5:12 नेवताळा ना काम 7:52तमु खुस रेजो अने खुसी मनावजो काहाके तमारी वाटु ह़रग मे घणु मोटु ईलाम से। काहाके आहयीत रीते भगवान वगे गेथा केण्या माणहु ने वेला पाड़ता हता।"