1 पण तु एवी वात कीया कर, जे खरली ह़ीकापण नी लायक से। 2 मंडळी ना डायला माणहु चेतीन, सांती सी, अने नीचळा रेवा जोवे. अने तीमने भरहा मे अने मोंग अने धीरज धरवा मे पक्का रेवा जोवे। 3 आहयीत रीते डायला बयरा नी चाल-चलण चोखला माणहुन तेवी रेवा जोवे, तीहया गुनो लगाड़वा वाळा अने ह़रु पीन छाकवा वाळा नी रेवा जोवे: पण वारली वात ह़ीकाड़वा वाळी रेवा जोवे। 4 आहया डायला बयरा जुवान्या बयरा ने ह़ीकाड़वा जोवे, अने आह़फाम ना धणी अने सोरा ह़ाते मोंग करे। 5 अने ह़मजदार, चोखली, घोर नो कारबार करवा वाळी रेवा जोवे, अने आह़फी ना लाडा ना हक मे रेवा जोवे, काहाके कोय बी भगवान ना बोलु नो वाक नी काडवा जोवे।
6 एमेत जुवान्या अदमड़ा ने बी ह़मजाड़्या कर, के खुद पोर काबु राखण्यो रेवा जोवे। 7 आखी वात मे आह़फा ने वारला काम नो उदारण बणाव; तारी ह़ीकापण मे सच्चाय अने सांती, 8 अने एवी खरली वात जड़वा जोवे के कोय बी बुरु नी की सके, जीनी सी वीरोदी ने आपणी पोर गुनो लगाड़वा नो मोखो नी जड़े अने लाजे पड़े।
9 अने आखा चाकर्या ने ह़ीकाड़, आह़फाम ना मालीक नी ह़ाते मोंग सी रेवो, अने आखी वात मे मालीक ने खुस राखे, अने मालीक कंय बी केय ता पासो जपाप नी आपवा जोवे; 10 चोरी अने चलाकी नी करवा जोवे; पण आखी भाते पुरान-पुरा भरहा नी लायक नीकळवा जोवे, एम करहे ता तीहया आपणा छुटकारो आपण्या भगवान पोर भरहो करवा नी हेर माणहु मे पयदा करहे।
11 काहाके आखी जाती ना माणहु जुगु भगवान नी दया उजन्ती से। 12 अने आनी ह़ाते-ह़ाते आपणु ने आहयु बी ह़ीकाड़े, के आपणु भक्ती करता जाय्न अने आहयी कळी नी लालच मे गेथा मन फीरवीन आञे दाड़ीन वारु अने भगवान नी बीक मानीन जीव्वा जोवे। 13 अने तीहयी जुगाळी आह नी अने आपणा ताखत वाळा भगवान अने छुटकारो आपण्या ईसु मसी नी बड़ाय उजन्ती हयवा नी वाट जोवता रेवो। 14 जे आह़फोत आनीन करते आपणी जुगु मर ज्यो, के आपणु ने आखी भाती नी बुराय सी सोड़ाय लेय, अने चोखा करीन आह़फा जुगु एवा खास माणहु बणाय लेय जे भला-भला काम मे खुस अने जोस मे रेवा जोवे।
15 पुरा हक भेळे आहयी वात के अने ह़मजाड़ अने ह़ीकाड़तो रे: कोय बी तारी वात ने कंय नी वारु हय नी केवा जोवे।