1 ए मोंगाळ्ळा, हाव मे तमने बीजी चीट्ठी लीखु, अने बेम चीट्ठी मे फोम करावु तमारा चोखला मन मे वारला वीच्यार पयदा करवा बाज र्यो। 2 के तमु तीहयी वातु ने जे चोखला भगवान वगे गेथा केण्या माणहु पेले गेथात केदला से, अने भगवान अने छुटकारो आपण्या ना तीहया हुकम ने फोम करो जे तमारा नेवताळा ना लारे आपला हता। 3 पेले आहयु जाण लेवो के आखरी दाड़ा मे ठट्टा करवा वाळा आवहे जे आह़फाम नी लालच नी अनसारे चालहे। 4 अने तीहया पुछहे, "तीने आव्वा नो वायदो कां जत र्यो? काहाके जत्यार गेथा आड़ा-बुड़ा मर जेला से, आखु तेमेत से जीसम धरती बणली ने हतु।" 5 तीहया ते जाण बुजीन आहयु भुल ज्या के भगवान ना बोल ना लारे ह़रग पेले गेथुत बणलु से, अने धरती बी पाणी मे गेथी बणावली से अने पाणी नी लारे, 6 आनीन करते तीहया जमाना नी कळ पाणी मे डुबीन खत्तम हय जेली। 7 पण हमणे नी टेम ना ह़रग अने कळी तीहया भगवान ना बोलु नी लारे आनीन जुगु मेकला से, के धपाड़ देय; अने तीहया भक्ती नी करन्या माणहु ना नीयाव अने खत्तम हयवा ना दाड़े तक आसमेत मेकला रेहे।
8 ए मोंगाळ्ळा आहयी वात तमु ना भुलो के मालीक नी नजर मे एक दाड़ो हजार साल बराबर से अने हजार साल एक दाड़ा बराबर से। 9 मालीक आह़फा ना आव्वा ना वायदा मे वार नी करे, जीसम कय माणहु ह़मजे; पण तमारा बारा मे धीरज धरे अने आसम नी चाहतो के कोय खत्तम हये, बाखीन आखा ने मन फीराव्वा नो मोखो जड़े।
10 पण मालीक ना आव्वा नो दाड़ो चोट्टान तेम आवहे, तीहया दाड़े ह़रग होड़ो-होड़ो अवाज करतु जाय्न खत्तम हय जहे, अने ह़रग नी चीज आक्ठु सी धप जहे खत्तम हय जहे अने धरती अने तीनी पोर ना काम धप जहे। 11 आहयी आखी चीज आहयीत रीते खत्तम हय जहे ता तमु चोखली चाल-चलण अने भक्ती मे केवा माणहु रेवा जोवे? 12 अने भगवान ना तीहया दाड़ा नी वाट कानी रीते जोव्वा जोवे, अने तीने छोटो आव्वा नी करते कीसम कोसीत करवा जोवे, जीना कारण वादळु आक्ठु सी ओगळ जहे अने वादळु ना तारागण घणा उना हय्न गळ जहे। 13 पण तीना वायदा ना अनसारे आमु एक नवलु ह़रग अने नवली धरती नी आह कर र्या, तां नीस्तु वारलु रेहे।
14 आनीन करते, ए मोंगाळ्ळा, जत्यार तमु आहया दाड़ा नी आह कर र्या, ता कोसीस करो के तमु सांती सी भगवान नी नींगा मे वारला अने वण-गुनाळ्ळा नीकळो। 15 अने अमारा मालीक नी धीरज ने तमारा छुटकारा जुगु आपलो मोखो ह़मजो, जीसम अमारा मोंगाळ्ळो भाय पोलुस बी तीहया ग्यान ना अनसारे तमने लीख्यो जे तीने भगवान ने तां गेथो जड़लो हतो। 16 तेमेत तीहयो आह़फा नी आखी चीट्ठी मे आहयी वात ना बारा मे लीखलो से। तीनी मे कय वात आसवी से जीने ह़मजवा काठु से, नी भणला अने हुस्यार माणहु तीमना मतलब बी चोखली सास्तर ने तेम मानीन खुद नो नास नो कारण बणावे।
17 ए मोंगाळ्ळा, तमु ते पेलेत गेथा आहयी वात ने जाणीन चेतीन रेवो। अधरमी माणहु ना चाल मे फसीन कंय माय्न आह़फा नी टणकाय ने हात सी नी खोय देवो। 18 एतरे आपणा मालीक अने छुटकारो आपण्या ईसु मसी नी दया अने ग्यान मे वदता जावो, तीनीत बड़ाय हमणे बी हये, अने जलम पीड़ीडीट हयती रेय; आमीन।