1 जीसम तीमनी मे झुटा भगवान वगे गेथी वात करन्या हता, तेमेत तमारी मे झुटा ह़ीकाड़न्या हयहे। खत्तम करवा वाळा वेरी नी सुरुवात ह़ताय-ह़ताय्न करहे, अने तीहया मालीक ने जे तीमने वेचाता लेदलो से नीकारो करहे अने आह़फाम ने छोटोत खत्तम करवा नो कारण बणहे। 2 अने घणा ढेरका तीमनीन तेम लुच्चाय करहे, अने तीनी लेदे सच्चाय नी वाट नो वाक काडहे। 3 तीहया लालच जुगु झुटी वात करीन तमने आह़फा ना फायदा नो कारण बणावहे, अने जे डंड नो हुकम तीमनी पोर पेले सी हय जेलो से; तीनी आव्वा नी कंय बी वार नी हय, अने खत्तम हयणु उंगाय नी।
4 काहाके जत्यार भगवान तीहया ह़रगदुतु ने जे पाप नी कर्या सोड़्यो, पण हातकड़ी मे बांदीन नरक अने अंदारला कुंड मे नाख देदो, काहाके नीयाव ना दाड़े लग बंदायलो रेय। 5 अने पेल्ना वारा नी कळ ने बी नी सोड़्यो बाखीन भक्ती नी करन्याण कळ पोर मुसळधार पाणी मोकल्यो पण धरम नो परच्यार करन्या नुहा समेत आंठ जणा ने बचाड़ लेदो; 6 अने सदोम अने अमोरा ना ह़ेर ने नास नो एवो डंड आप्यो, के तीने खत्तम करीन रोखड़ा मे मीलाय देदो, काहाके तीहया आव्वा वाळा भक्ती नी करवा वाळा माणहु ह़ीकाड़वा ना लेदे दाखलो बणे। 7 अने धरमी लुत ने जे अधरमी ना वीटळ्ळा चाल-चलण सी घणो दुखी हतो छुटकारो आप्यो। 8 काहाके तीहयो धरमी तीमना वच मे रेतो जाय्न तीमना अधरम ना कामु ने देखी देखीन अने ह़मळी ह़मळीन दाड़ीन आपणा सच्चा मन ने दुखी करतो हतो। 9 ता मालीक भक्ती करन्या ने पारख गेथा नीकाळ लेय अने अधरमी ने नीयाव ना दाड़े लग डंड जड़े एवी दसा मे राखवा बी जाणे।
10 खास करीन तीहया जे वीटळ्ळी हेर नी पसळ डील ना अनसारे चाले अने बड़ाय ने हेटी जाणे। तीहया घमंडी अने हटाळा से, अने उचा पद वाळा ने बुरु-भलु केवा नी बीहे। 11 ते बी ह़रगदुत जे सक्ती अने ताखत मे तीमनी सी मोटा से, मालीक ना अगळ तीमने बुरु-भलु कीन गुनो नी लगाड़े। 12 पण आहया माणहु अक्कल वगर ना जानवर ने तेवा से, जे धरायवा अने खत्तम हयवा करीन पयदा हयला से; अने जे वातु ने नी जाणता तीना बारा मे बीजा ने भलु-बुरु केय तीहया आह़फा नी ह़ड़ मे आह़फात ह़ड़ जहे। 13 बीजा नु बुरु करवा नी बदले तीमनुत बुरु हयहे, तीमने आखो दाड़ो गलत काम करवा वारु लागे आहयु नामबद्दी अने गुनो से, जत्यार तीहया तमारी ह़ाते खाय-पीय ता आह़फा नी भणी गेथु मोंगाळु खाणु से करीन मोज-मजा करे। 14 तीमना डोळा मे छीनाळु भरायलु से, अने तीहया पाप कर्या वगर रोकाय बी नी सके। तीहया भोळा मन वाळा ने पटाड़ लेय, तीमना मन ने पटाड़वा नी जानकारी हय जेली से तीहया सराप ना सोरा से। 15 तीहया ह़ुदला रोहा सी भटक जेला से, अने बीवोर ना सोरो बीलाम ना रोहा पोर हय लेदला से, जे गलत काम नी दाड़की ने वारु ह़मज्यो। 16 पण तीना गुना ना बारा मे फटकार बी जड़ी, आञे तक के गुंगी गदड़ी माणेह नी बोली सी तीहया भगवान वगे गेथी वात केण्या माणेह ने तीनी सण्का सी रोकी।
17 आहया माणहु ह़ुकला कुवान तेवा अने आंजी ना उडाड़ला वादळा से, तीमनी जुगु हमेसा नी लेदे घण जबर अंदारलु मेकलु से। 18 तीहया रीकामी घमंड नी वात करी-करीन लुच्चाय ना कामु नी लारे, तीहया माणहु ने आहयी डील नी लालच मे फसाड़ लेय, जे भटकला मे गेथा हाव नीकळवा नी सुरुवातेत कर र्या। 19 आहया तीमने छुटकारा नो वायदो ते करे, पण तीहया आह़फात ह़ड़लु ना पावर्यो से। माणेह तीनोत पावर्यो बण जाय, जीनी सी तीहयो हार जाय। 20 जत्यार तीहया मालीक अने छुटकारो आपण्या ईसु मसी नी ओळखाण नी लारे कळी नी आखी भाती नी वीटळ सी बच नीकळ्या, अने अळतेण तीमनी मे फसीन हार ज्या, ता तीमनी पासली हालत पेल्नी गेथी बी खराब हय ज्यी। 21 काहाके धरम नी वाट ने नी ओळखवात तीमनी जुगु आनी सी वारु रेतु के तीने ओळखीन तीहया चोखला हुकम सी फीर जता जे तीमने ह़ोपलो हतो। 22 तीमनी पोर बी तीहयुत वीत्यु जीसम कवाड़ा मे बी लीखलु से तीहयु ह़ाची से, "कुतरु ओखळीन आह़फुत पासु चाट लेय" अने "एक उंगळावली ह़ुवर्याण पासी पोणा मे जत रेय।"