1 आहयी चीट्ठी पोलुस भणी गेथी से, जे मसी ईसु नो चाकर्यो से, तीने भगवान नेवताळो बणाव्वा करीन बोलाव्लो से; अने खुस-खबर परच्यार करवा करीन अलग करलो से।
2 जीनो भगवान पेलेत गेथो आह़फा भणी गेथा खबर लावण्या माणहु ना लारे चोखली सास्तर मे खुस-खबर नो वायदो करलो हतो। 3 तीहयो आह़फा ना बेटा ना बारा मे से; तीहयो डील ना मान सी ते दावुद ना घोरणा मे गेथो पयदा हयो। 4 अने चोखलापणा नी आत्मा ना मान सी मरला मे गेथो जीव उठवा ना कारण ताखत ह़ाते भगवान नो सोरो ठेरलो से, आहयोत ईसु मसी आपणो मालीक से। 5 तीनी लारे भगवान आमने दया आपे के नेवताळा नो हक जड़े अने तीना नाम ना कारण सी आखा आड़जात्या माणहु भरहो करीन तीनो हुकम माने, 6 आनी मे तमु बी भेसकायला से जे रोम मे रेय, जीमने भगवान ईसु मसी ना हयवा ना लेदे बोलावलो से।
7 तीहया आखा जुगु मे लीख र्यो, जे रोम ह़ेर मे री र्या जे भगवान ना मोंगाळ्ळा से अने तीमने भगवान आह़फा ना माणहु हयवा करीन बोलावलो से: आपणा बाह भगवान अने मालीक ईसु मसी भणी गेथी तमने दया अने सांती जड़ती रेय।
8 पेले मे तमु आखा जुगु ईसु मसी नी लारे आपणा भगवान ने घणो वारु से केम, काहाके तमारा भरहा ना बारा मे आखी कळ ना माणहु ह़मळ्वा बाज र्या। 9 भगवान, जीनी सेवा मे खुद नी आत्मा वेर तीना सोरा नी खुस-खबर ना बारा मे करु, तीहयोत मारो गवा से, के मे तमने मारी वीन्ती मे दाड़ीन फोम करु। 10 मारी वीन्ती मे मे सदा वीन्ती करु के भगवान नी मरजी सी तमारीन्तां आव्वा नी कानी बी रीते मारी मरजी पुरी हये। 11 काहाके मे तमने भेटवा नी हेर करु के मे तमने एक आत्मा नो वाटो आप सकु, जीनी सी तमु टणका हय जावो; 12 मतलब आहयु, के जत्यार मे तमारी वच मे आवु ता आपणु तीहया भरहा ना लारे जे मारी मे अने तमारी मे से, तीनी सी मने अने तमने मदत जड़े।
13 ए भायु, मे नी चाहतो के तमु आहयी वात सी अंजाणा रेवो के मे वळ-वळीन तमारीन्तां आव्वा नी योजना बणायो, जीसम के मने आड़जात्या मे भरहो करन्या नो फोळ जड़्यो, तेमेत तमारी मे बी जड़े, पण हजु लग रोकावट आवती री। 14 मे आखा माणहु नो, युहदी अने आड़जात्या नो, अने अकल्या अने वण-अकल्या नो करजाळ्ळो से। 15 हाव मे तमने बी जे रोम ह़ेर मे री र्या, खुस-खबर ह़मळाव्वा करीन तीयार से।
16 मे खुस-खबर सी लजवाम नी, काहाके आहयी भगवान नी ताखत से, जे आखा भरहो करवा वाळा ना लेदे छुटकारो लावे, जे माने तीनी लेदे: पेले युहदी, अळतेण आड़जात्या ना लेदे। 17 काहाके खुस-खबर आहयु उजन्तु करे के भगवान माणहु ने आह़फा नी लेदे कीसम संय बणावे। आहयु सुरुवात सी आखरी लग भरहा पोर टेकलु से। जीसम के सास्तर मे लीखलु से, "जे माणेह भगवान ह़ाते धरमी से भरहा ना लारे जीवत्लो रेहे।"
18 भगवान नी रीह ते तीहया आखा माणहु ना पाप अने बुराय पोर ह़रग मे गेथी उजन्ती हये, जे सच्चाय ने पाप सी डाबीन राखे। 19 आनीन करते भगवान नो ग्यान तीमना मन मे उजन्तो से, काहाके भगवान तीमनी पोर उजन्तो करलो से। 20 जत्यार गेथो भगवान कळी ने घड़्यो तत्यार गेथा तीना वण-देख्या गुण, मतलब, आहयी बेम अमरकाय सक्ती अने देवताम नो सोभाव पुरी रीती सी आसुझण देखाय। तीहया ते चीज ने जीमने भगवान बणावलो से तीने जाण सके। करीन तीहया माणहु पांह कंय बोनु नी हय। 21 आनी लेदे के भगवान ने जाण लेदा ते बी तीहया भगवान ना लायक बड़ाय अने वारु से के नी केदा, पण अमथो वीच्यार करवा लाग्या, आञे लग के तीमनु वण-अकल्यु मन अंदारलु सी भराय ज्यु। 22 तीहया खुद ने ग्यान वाळा ह़मजे, पण तीहया गांडा से। 23 अने खत्तम नी हयण्या भगवान नी बड़ाय ने खत्तम हयण्यु माणेह, अने चड़ा, अने जानवरु, अने घीहावा वाळा जन्तु नी मुर्ती नी वेह मे तीहया बदल देदा।
24 आनी लेदे भगवान तीमने तीमना मन नी हेर ना अनसारे वीटळ मे सोड़ देदो के तीहया आह़फा-आह़फात आपणा डील नी ईज्जत नी करे। 25 काहाके तीहया भगवान नी सच्चाय ने झुट मे बदलीन झुट बणाय देदा, अने तीहया आहयी कळी ने बणावण्या नी उपाह़ अने सेवा नी कर्या जे सदा नो से, पण कळी नी उपाह़ अने सेवा कर्या! आमीन।
26 आनी लेदे भगवान तीमने ह़ीगी करे एवा ना हक मे सोड़ देदो; आञे लग के तीमना बयरा बी वारला वेहवार ने सोड़ीन गलत तीनी सी जे सोभाव ना वीरोद से, बदल नाख्या। 27 अने अदमी बयरा ह़ाते सवसार करवा रेवा दीन अदमी, अदमी ह़ाते सवसार करवा बाज ज्या। घण-जबर सवसार करवा नी हेर करवा बाज ज्या। अने तीमना चंगला अने वणलाज्या काम नो डंड तीमने जड़ ज्यो।
28 तीहया भगवान ने नी ओळखवा हींडता हता, एतरे भगवान बी तीमना रीकामा मन पोर सोड़ देदो; के तीहया गलत काम करे जे नी करवु हतु। 29 तीहया आखा भातीन पाप, गलत काम, अने लालच, अने रीह-दगा सी भराय ज्या; अने रीह, अने मारवा, अने झगड़वा, अने धोको देवा, अने बुरफाय सी पुरा भराय ज्या, अने चुगल्या, 30 नामबद्दी करन्या, बुराय करन्या, भगवान नी बुराय करन्या, बीजा नी ईज्जत नी करन्या, घमंड करन्या, बुरी-बुरी वात ने बणाव्वा वाळा, आह्य-बाहा ना हुकम ने नी मानवा वाळा, 31 वण-अकल्या, धोको देण्या, मोंग अने दया ना कमी से अने कठोर हय ज्या। 32 तीहया ते भगवान नी आहयी रीती ने जाणे के एवा-एवा काम करवा वाळा मोत ना डंड नी लायक से, ते बी नीस्ता तीहया एतरात नी एवा काम करे, पण करवा वाळा ने बी मदत करे।