1 जां तक आमु गवाय ना एतरा मोटा वादळा सी घेरवाय र्या ता अळतेण आवो रोकावट नाखवा वाळी आखी चीज ने अने तीहया पाप ने आमने भुले पाड़ देय तीने नाख दे, अने तीहयी दवड़ ने जे आमने दवड़वा नी से तीने धीरज सी दवड़े। 2 अमारा भरहा ने बणावण्या अने चोखला करवा वाळा ईसु भणी भाळया। जे आपणी अगळ हजुर खुसी नी लेदे कुरुस ना दुख झेल्यो, तीनी लजवायवा नी कोय चीन्ता नी हय के भगवान नी राजगादी नी जमणी ह़ोड़ जाय्न बह ज्यो।
3 आनीन करते तीनी पोर धीयान लगाड़ो, जे आह़फा ना वीरोद मे पापी नो एतरो सेड़साड़ वेठ लेदो के तमु ह़ोह़वाय्न भरहो नी सोड़ देवो। 4 तमु ते पाप सी झुमाता जाय्न तीनी सी आसम जखड़ी नी कर्या, के तमारु लोय वयु हय। 5 अने तमु तीहयी ह़ीकापण ने जे तमने सोरान तेम ह़मजीन आपली से, ह़ु तमु तीने भुल ज्या?
ए मारा सोरा, मालीक ईसु नी वेला ने हळकी वात ना जाणो,
अने जत्यार तीहयो तमने डंड आपे ता हीम्मत ना हारो।
6 काहाके मालीक ईसु, जीने मोंग करे, तीने दुख बी आपे,
अने जीने सोरो बणाय लेय, तीने ह़ोटी दीन बी ह़ुदारे।
7 तमु दुख ने डाट ह़मजीन वेठ लेवो; भगवान तमारी ह़ाते सोरो जाणीन वेहवार करे। तीहयो कानो सोरो से बाह नी लारे डंड हात करे? 8 कदीम तीहया डंड जीना साजल्या आखा रीया, तमारो नी हय, ता तमु तीना सोरा नी हय, पण छीनाळ्या नी अवल्यात ठेर्या। 9 अने अमारो धरती पोर वाळो बाह बी आपणु ने डंड आप्या करे अने आमु तीनी ईज्जत कर्या, ता ह़ु आत्मा ना बाह ह़ाते अळी बी कब्जा मे रीन जीवत्ला रेवो। 10 तीहया ते आह़फा-आह़फा नी ह़मज नी अनसारे थोड़ाक दाड़ा जुगु डंड आप्या करता हता, पण तीहयो ते अमारा फायदा जुगु करे, के आमु बी तीना चोखलापण ना साजल्या हय जीया। 11 हमणे आखी भाती नी डाट खुसी नी, पण दुख नीत वात देखाय पड़े; ते बी जे आने वेठता-वेठता पक्का हय जेला से, अळतेण तीमने अराम भेळ धरम नी जीवाय अने सांती नो फोळ जड़े।
12 एतरे ढील्ला हातु ने उचा करो, अने कमजोर मांडा ने टणका करो, 13 अने आपणा पोगु ना लेदे ह़ुदी वाट बणावो, के लंगड़ो भटके नी, पण वारु आरगो हय जाय।
14 आखा ह़ाते सांती सी रेवो, अने तीहया चोखलापण ना ह़ोदवाळ्या बणो जीनी वगर कोय मालीक ईसु ने कदी नी देख सके। 15 अने धीयान सी देखता रेवो, आसम नी हये, के कोय भगवान नी दया सी सुटीन री जाय, नीता कोय कड़वली जेड़ फुटीन दुख आपे, अने तीनी लारे घणात माणहु बगड़्ला हय जाय। 16 आसम नी हयवु जोवे, के कोय छीनाळ्यु, नीता एसाव नी तेम वण-धरमी हये, जे एक वार नु खाणु ना बदले आपणा पेलखोळ्या सोरा ना वेह मे आह़फा नो हक वेच नाख्यो। 17 तमु ते जाणत्ला से, के अळतेण जत्यार तीहयो बरकत लेवा चाह्यो, पण तीहयो तीनी लायक नी ह़मजायो, अने आंह़वा वयाड़ी-वयाड़ीन ह़ोदवा सी बी मन फीराव्वा नो मोखो तीने नी जड़्यो।
18 तमु आक्ठु सी धपत्ला सीनाय बड़ान तां नी आया जीने छीम सकता हता, अने काळ्ळा वादळा, अने अंदारु, अने मोट्ला भुत्यान तां। 19 अने फेपार्या नो अवाज, अने बोलवा वाळा ना एवा बोलु नी ह़ाते नी आया, जीने ह़मळवा वाळा रावण्या कर्या, के अळी वात अमारी सी नी करे। 20 काहाके तीहया ते हुकम ने नी वेठ सक्या: "कदीम कानु जानवर बी बड़ा ने छीमे ता तीहयु दगड़ा सी मराय जहे।" 21 अने तीहयो दरसन एतरो बीहाड़े एवो हतो के मुसो केदो, "मे घणो बीहु अने कापु।"
22 पण तमु सीयोन ना बड़ा, अने जीवत्ला भगवान ना ह़ेर, ह़रग ना यरुसलेम मे आय लागला से अने हजारु-हजारु ह़रगदुतु ना टोळा मे आय लागला से। 23 तु भगवान सी पेन्ला पयदा हयला जीमना नाम ह़रग मे लीखला से, तीमना टोळा मे पुग जेला से। तमु तीहया भगवान ने तां आवला से जे आखा माणहु नो नीयाव करवा वाळो से, अने धरमी माणहु जे पाका हयला तीमनी आत्मा। 24 अने एक नवला वायदा नी लारे ईसु अने छीटला तीहया लोय नी धेड़े आय लागला से जे हाबील ना लोय सी वारु वात केय।
25 चेतीन रेवो, अने तीहया केवा वाळा सी मोडु ना फीरवो, काहाके तीहया माणहु जत्यार धरती पोर ना चेतावणी आपण्या सी नकारो करीन नी बच सक्या, ता आमु ह़रग पोर गेथो चेतावणी आपण्या सी मोडु फीरवीन कीकम बच सकह़ुं? 26 तीहयी टेमे ते तीना बोलु धरती ने हीलाय देदो, पण हाव तीहयो आहयो वायदो करलो से, "एक वार अळी मे धरती एतरो नी, पण वादळु ने बी हीलाय देही।" 27 आहयो बोल "एक वार अळी" आहयी चीज ने उजन्ती करे, जे वात बणावली तीहयी हीलाय देहे टेकली नी रेय, अने टळ जहे, के जे वात ने हीलाय नी सकता, तीहयी टेकली रेहे।
28 अने जत्यार एक एवु राज जड़ र्यु जीने हीलाय नी सकता, ता आवो आमु घणा वारु से केण्या बणया अने ईज्जत भेळ बीक नी ह़ाते भगवान नी उपाह़ पाळया के भगवान तीने हुकारे। 29 काहाके अमारो भगवान खत्तम करवा वाळु आक्ठु से।