1 पेल्ना वारा मे भगवान आह़फा ना वात केण्या माणहु नी लारे अमारा आड़ा-बुड़ा नी ह़ाते दाखला देखाड़ीन वात करे, 2 आहया आखरी दाड़ा मे तीहयो अमारी सी सोरा नी लारे वात कर्यो, जीने तीहयो आखी चीज नो हकदार्यो बणावलो से अने तीनीत लारे भगवान आखी धरती ने बणायो। 3 तीहयो भगवान नी बड़ाय नु वीजाळु अने तीना रुप नी पक्की छाप से, अने आखी चीज ने तीनी सक्ती ना बोल सी ह़माळत्लो से। तीहयो आखा माणहु ना पापु ने माफ करीन जोरभर्या भगवान नी जमणी धेड़े जाय्न बह्यो।
4 अने ह़रगदुत सी एतरोत वारु केवायो, जेतरो तीहयो तीमनी गेथा मोटा जागा नो हकदार्यो हय्न तीमनी सी वारु नाम हात कर्यो। 5 काहाके ह़रगदुत मे गेथा भगवान कोयने बी कत्यार कोय सी केदो,
"तु मारो सोरो से,
आज तु मार सी पयदा हयलो?"
अने अळी आहयु,
"मे तीनो बाह हयही,
अने तीहयो मारो सोरो हयहे?"
6 अने जत्यार भगवान एक-खोळ्या ने कळी मे लावे ता केय,
"भगवान ना आखा ह़रगदुत हीने वांदे।"
7 पण भगवान ह़रगदुत ना बारा मे आहयु केय,
"तीहयो आह़फा ना दुत नी लारे
अने आह़फा ना चाकर्या ने हुड़ु-हुड़ु आक्ठु बणावलो से।"
8 पण भगवान सोरा ना बारा मे केय,
"ए भगवान, तारु राज जलमकु रेहे:
अने तारु राज तारा माणहु पोर नीयाव नी ह़ाते रेहे।
9 तु ते सच्चाय सी मोंग अने बुराय सी ह़ीगी राख्यो;
आनीन करते भगवान, तारो भगवान,
खुसी ना तेल सी चोखो करवा नी लारे तारा
ह़ाती सी बड़ीन टाळ्यो।"
10 अने तीहयो आहयु बी केय,
"ए मालीक, सुरु मे तु ते धरती नी नीव नाख्यो,
अने ह़रग तारा हात नी कारीगरी से।
11 तीहया ते खत्तम हय जहे, पण तु बणीन रेही;
अने तीहया आखा लुगड़ान तेम जुना हय जहे,
12 अने तु तीने चादरान तेम गुचवी लेही,
अने तीहया लुगड़ान तेम बदली जहे:
पण तु तीहयोत से
अने तारी जीवाय बी खत्तम नी हये।"
13 अने ह़रगदुत मे गेथा भगवान कोयने बी कदी नी केदो:
"तु मारी जमणी धेड़े बह,
जत्यार तक के मे तारा वेरी ने
तारा पोगु नी तळे नो पाटलो नी बणाय देम?"
14 ह़ु तीहया ह़रगदुत भगवान नी सेवा करवा वाळी आत्मा ते नी हय, जे छुटकारो हात करवा नी करते सेवा करवा करीन मोकले?